Home राजनीति शिवसेना ने राज ठाकरे को ये क्या कह दिया?

शिवसेना ने राज ठाकरे को ये क्या कह दिया?

Print Friendly, PDF & Email

भाजपा बूस्टर डोज और मनसे अंतर्वस्त्र 

गये 01 मई को महाराष्ट्र ने अपना 62वां स्थापना दिवस मनाया. 1960 में 01 मई को ही बाम्बे प्रेसिडेंसी से अगल हो कर वर्तमान महाराष्ट्र राज्य की नींव पड़ी थी. स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य में कई आयोजन हुए. राजनीतिक दलों ने भी रैलियां और सभाओं के आयोजन किये. पर भाजपा और मनसे के इन्हीं रैलियों को लेकर शिवसेना का बयान आज सामने आया है जिससे नई चर्चा शुरू हो गयी है.

शिवसेना के मुखपत्र सामना के सम्पादकीय लेख को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. सामना में छपे इस लेख में शिवसेना ने राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्वान सेना (MNS) को अंतर्वस्त्र कहा है. इस लेख में कहा गया है कि ‘भाजपा के बूस्टरडोज सभा में देवेन्द्र फडणवीस शिवसेना पर जम कर बरसे, तो संभाजी नगर की सभा में उनके अंतर्वस्त्र श्री शरद पवार पर टूट पड़े. ये योजनाबद्ध ढंग से हुआ. इससे महाराष्ट्र अथवा देश की जनता को क्या मिला? अंतर्वस्त्र को बूस्टर डोज देने का काम मुंबई से ही चल रहा था, परन्तु भाजपा को भी बूस्टर डोज की आवश्यकता है.’
इतना ही नहीं शिवसेना ने इस लेख के माध्यम से फडणवीस के बाबरी ढांचे को गिराने में खुद के मौजूद रहने के दावे और शिवसेना के रोल पर उठाये गये सवाल का भी जवाब दिया है. इसमें कहा है यदि फडणवीस ढांचा गिराने में थे तो फिर सीबीआई जांच और पूरी कार्रवाई में उनका नाम क्यों नहीं आया? या क्या वो मिस्टर इंडिया बन कर बाबरी ढांचे पर हथौड़ा मार रहे थे. इसकी गुप्त जांच नये सिरे से करनी होगी.  ढांचा गिराने में शिवसैनिकों की भूमिका की जानकारी  भाजपा नेता सुन्दर लाल भंडारी से लेने की बात की गई है. बता दें कि भंडारी तब भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं.

देखें विडियो ..
पोलिटिकल  किस्से : मोदी नहीं इस मुख्यमंत्री ने रखी थी गुजरात विकास की नींव 
मोदी जी को टेंशन दे गये दो लड़के 

शिवसेना ने इस लेख में सुन्दर लाल भंडारी और लालकृष्ण अडवानी के बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराए जाने को लेकर दी गई प्रतिक्रियायों का भी जिक्र किया है. साथ ही भाजपा के अब रामराज स्थापित करने पर जोर देने के बजाये बाबर का जाप करने पर उसकी मंशा पर सवाल उठाया है. इस लेख में शिवसेना ने भाजपा, केंद्र सरकार और मनसे तीनों पर निशाना साधा है. लद्दाख सीमा में चीन के घुसने से लेकर महाराष्ट्र में मराठियों को बांटने और हिन्दुओं को लड़वाने तक के आरोप लगाये हैं.

ये भी पढ़े ..
कांग्रेस से ब्रेक के बाद PK का नया ऐलान
कोर्ट में लोकल लैंग्वेज को मिले बढ़ावा : PM

बताते चलें कि ये सारा विवाद मस्जिदों पर बजने वाले लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ था. लाउडस्पीकर पर अज़ान होने को लेकर राज ठाकरे ने आपत्ति उठाई थी. मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाने को लेकर राज ठाकरे और शिवसेना सरकार आमने-सामने हैं. मराठवाड़ा क्षेत्र के औरंगाबाद की रैली में ठाकरे ने लाउडस्पीकर हटवाने के लिए 03 मई तक का समय सरकार को दिया था. 03 मई को उन्होंने महाआरती करने का भी ऐलान किया था.

 

पर 2 मई को ट्विट कर ठाकरे ने ये जानकारी दी थी कि 03 मई को ईद के चलते वो महाआरती नहीं करेंगे. पर साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि अगर सरकार लाउडस्पीकर नहीं हटवाती है तो फिर अज़ान के वक्त मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ होगा.

You may also like

Leave a Comment