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भाजपा काटेगी इन मौजूदा सांसदों का टिकट

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भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों में लग गयी है. यूं तो भाजपा वर्ष भर चुनावी मोड में ही रहती है. पर अब 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार देश की सत्ता पर काबिज़ होने की खास तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसके अंतर्गत भाजपा संगठन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं.

2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी ने स्ट्रेटजी बनानी शुरू कर दी है. इसके लिए बुधवार देर रात पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बैठक हुई. बैठक में कुछ चुनिन्दा कैबिनेट मंत्री, प्रभारी और सांसद मौजूद रहे. बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कई निर्णय लिए गए. इसमें उम्मीदवारों की उम्र से लेकर टिकट वितरण तक के निर्णय लिए गये.

मिल रही जानकारी के मुताबिक भाजपा 70 साल की उम्र पार कर चुके नेताओं को टिकट नहीं देगी. ऐसे में कई मौजूदा सांसदों का टिकट कट जायेगा. पार्टी में सहमती बनी है कि 1955 के बाद जन्मे सांसदों को ही लोकसभा चुनाव 2024 में टिकट दिया जायेगा. केवल एक-दो अपवादों को ही इस नियम में छूट दी जाएगी. यह नियम लागू होने पर पार्टी के मौजूदा 301 में से 81 सांसदों का टिकट कट जायेगा. पार्टी का मानना है कि नए लोगों को तभी मौका मिलेगा जब पुराने लोग रास्ता देंगे.

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भाजपा के इस नियम कि जद में यूपी के 12, गुजरात के 10, कर्नाटक के 9, बिहार के 6, महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-राजस्थान के 5-5 और झारखण्ड के 2 सांसद सहित अन्य प्रदेशों के सांसद आयेंगे. आकड़ों के मुताबिक 2024 के चुनाव तक बीजेपी के 25% सांसद 70 वर्ष के ऊपर हो जायेंगे.

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात की जाये तो यहां लोक सभा की 70 सीटें हैं. भाजपा के 62 सांसद हैं. 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में केवल 4 सांसद ऐसे थे जिनकी उम्र 40 साल से कम थी.  यदि ये नियम लागू होता है तो  यूपी के इन  सांसदों का टिकट कट जायेगा – मथुरा से सांसद हेमा मालिनी, गाजियाबाद से जन. वी. के. सिंह, प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी, बहराइच से अक्षयबर लाल, कानपुर से सत्यदेव पचौरी, बरेली से संतोष गंगवार, देवरिया से रमापति राम त्रिपाठी, डुमरियागंज से जगदम्बिका पाल, अकबरपुर से देवेन्द्र सिंह भोले, बागपत से डॉ. सत्यपाल, फैजाबाद से लल्लू सिंह और फिरोजाबाद से डॉ. चंद्रसेन जादोन

वर्तमान लोकसभा की बात की जाये तो आधे से ज्यादा सांसद 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं. एक तिहाई से ज्यादा सांसद 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं. 30 साल से कम उम्र के 8, 31-40 के बीच 57, 41-50 के बीच 129 सांसद हैं.

भाजपा ने 1956 से अब तक के आकड़ों के हिसाब से देशभर में 74 हज़ार बूथ चयनित किया है, जहां पार्टी का संगठन कमजोर है. इन बूथों को मजबूत करने का जिम्मा पार्टी के सांसदों और विधायकों को दिया गया है. यहां सांसद और विधायक लोकल प्रभावी नेताओं और राष्ट्रीय स्वम् सेवक संघ के स्थानीय प्रचारकों के साथ मिलकर बूथ को मजबूत करेंगे. ख़बरों की मानें तो हर सांसद को 100 बूथ और विधायक को 25 बूथ मजबूत करने का जिम्मा दिया गया है. इसके अलावा बैठक में टिकट वितरण को लेकर भी निर्णय लिए गये हैं.

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