Home आर्थिक Russia-Ukraine : चरमराती अर्थव्यवस्था

Russia-Ukraine : चरमराती अर्थव्यवस्था

by National News Desk
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युद्ध सिर्फ यूक्रेन में हो रहा है लेकिन तबाही रूस तक में मच रही है। रूस की आम जनता का हाल बेहाल है। रूसी  करेंसी रूबल पिछले कुछ दिनों में इतनी तेजी से निचे गिरी है।  रूस में एटीएम के बाहर लम्बी लाइन लग रही, जनता को देने के लिए  बैंकों के पास कैश नहीं है।  लोगों ने फ़ोन्स और इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स को होल्ड करना शुरू कर दिया है, क्यूंकि वो इकलौती ऐसी चीज है जिनकी किम्मत कम नहीं होगी। हज़ारों रूसी  लोग अपनी सैलरी नहीं ले पा रहे है।  महंगाई इतनी तेजी से बढ़ रही है की लोगो को डर है कि रूस की हालत वेनेज़ुएला जैसी न हो जाये। जब भी कोई देश किसी युद्ध पर जाता है उस  देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है, उससे देश के आम लोग पर क्या असर पड़ता है ये एक ऐसी चीज है जिसकी बात बहुत कम लोग करते है।

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सेंटर फॉर इकोनॉमिक रिकवरी के द्वारा एक स्टडी करी गई थी जिसके हिसाब से अनुमान लगाया है कि पहले चार दिन में रूस को 7 बिलियन डॉलर का खर्चा उठाना  पड़ा, जैसे-जैसे ये युद्ध आगे बढ़ता जा रहा है अनुमान लगाया जा रहा है की इसकी कीमत प्रतिदिन 20 बिलियन डॉलर पार कर सकती है। यानि रूस को हर दिन 20 बिलियन डॉलर खर्च करने पड़ रहे है युद्ध को लड़ने के लिए।   ये तो सीधा खर्चा है जो रूस सरकार उठा रही है। अब आगे समझिये रूस एयरप्लेन्स के लिए 33 देश ने अपनी एयर स्पेस को बंद कर दिया है यानी रूसी  विमान उन देशों की एयरस्पेस में एंट्री करने को मना है,  इसमें USA,कनाडा और बहुत सारी यूरोपियन देश शामिल है।  नतीजा क्या हुआ, आकलन के हिसाब से करीब 1.5 लाख रूसी टूरिस्ट  बहार के देशों में घूमने गए थे अब उनके लिए वापस आना बहुत मुश्किल हो रहा है। दुनिया में  एयरबस और बोईंग दो सबसे बड़ी कंपनियां है जो एयरक्राफ्ट्स बनाती है, उन्होने कहा है ये अपने सारे पार्ट्स भेजना बंद कर देंगी। तो आने वाले समय में  बहुत मुश्किल हो जयेगा दुनिया में किसी के लिए रूस में उड़ना या रूस से बाहर उड़ना।

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अब आगे समझिये जो बड़ी बड़ी कपड़ों की या जूतों की कंपनी है जैसे  H & M और Puma ने अपने ऑपरेशन्स रूस में  बंद कर दिए ।  BMW,MERCEDES,JAGUAR,TOYOTA और HONDA जो बड़ी कार कंपनियों ने भी अपने एक्सपोर्ट और प्रोडक्शन दोनों को बंद कर दिया है।  फर्नीचर की बहुत बड़ी कंपनी IKEA ने भी रूस में अपने सरे स्टोर्स बंद कर दिए । बड़ी टेक कंपनियां APPLE और MICROSOFT ने भी अपना सामान रूस में  बेचना  बंद कर दिया। सैमसंग जो की एक साउथ कोरियन कंपनी है उसने भी कहा है अब सामान को रूस में शिफ्ट नहीं करेंगे। अगर आप सोच कर देखिये ये वो सारी ग्लोबल कंपनियां है जो हम लोग रोज इस्तिमाल करते हैं और रूस में अब बंद हो गई है।

इन सारी चीजों से देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ेगा इसके अलावा फूटबाल की पॉवरफुल बॉडीज FIFA और UEFA इन्होने भी फैसला लिया है रूसी टीम को सारे इंटरनेशनल सॉसर इवेंट्स से  हटा देंगे यानी FIFA वर्ल्ड कप में रूस की टीम नहीं खेलेंगी। दुनिया के दो सबसे बड़े पेमेंट प्रोसेसिंग नेटवर्क्स  वीसा और मास्टरकार्ड के द्वारा मिलियन क्रेडिट कार्ड्स इस्तिमाल किये जाते है इन दोनों कंपनियों ने भी फैसला किया है कि रूसी  बैंक्स को ब्लॉक कर देंगे। रूस में 74 % पेमेंट वीसा और मास्टरकार्ड्स से करते थे लेकिन अब नहीं हो पायेगी। रूस में  इंटरनेशनल ट्रांसफर कंपनियां  REMITLY और WISE ने  भी अपने काम बंद कर दिये है, साथ ही साथ APPLE PAY, GOOGLE PAY, SAMSUNG PAY ने भी अपना काम बंद कर दिया है ।

आज की तारिक में लोगो को नार्मल पेमेंट करने में मुश्किल हो गया है, तभी लोग कैश निकालने के लिए  ATM के पीछे भागे थे। आप जानते है जब ज्यादा लोग एक साथ कैश निकालने के लिए जाते है तो  बैंकों के पास इतना पैसा नहीं होता है इसी को बैंक रन कहा जाता है जो रूस में अब हो रहा है । ये सब देख कर किसी भी देश का स्टॉक मार्केट बहुत बुरी तरह गिरता है। इसलिए रूस में जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से मार्केट बंद कर रखा है।

ये तो वो कंपनियां हो गई जिन्होंने बंद किया है , इसके अलावा सरकार ने भी economic sanctions किया है। रूस में सबसे बड़ी सैंक्शन लगाई है वो है SWIFT ब्लॉक। क्या है SWIFT का फुल फॉर्म SOCIETY FOR WORLDWIDE INTERBANK FINANCIAL TELECOMMUBNICATIONS .
ये एक ऐसा पेमेंट का सिस्टम है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादा तर दुनिया का हर सेंट्रल बैंक SWIFT सिस्टम का इस्तेमाल  करता है। SWIFT सिस्टम पैसे को मूव नहीं करता है कम्यूनिकेट करता है कि रुपए को यह से यह भेजना है।

आने वाले समय में बहुत बुरा असर पड़ेगा लेकिन रूस कोई न कोई अपना रास्ता निकाल लेगा। आपको मैंने इससे पहले जो भी बताया उससे क्या असर हो रहा है जो रूस की रूसी  करेंसी है  रूबल जो इतनी तेजी से गिर रही है ये आप यकीन नहीं कर सकते साल 2012 में $1 30 रूबल के बराबर था, साल 2022 में $1 70 रुबाल के बराबर था लेकिन अब जबसे युद्ध छेड़ा है आज के दिन $1 क्रॉस कर रहा 150  रूबल इतनी तेजी से गिर रही करेंसी। इन्फ्लेशन बढ़ रहा है और लोगो को हाइपर इन्फ्लेशन का डर है। इसके अलावा लोग बेसिक पेमेंट नहीं इस्तेमाल  कर पा रहे है। लोग कैश  निकालना चाह रहे लेकिन निकाल नहीं पा रहे , रूस की जनता पर बैंक से बहुत बुरा असर पड़ रहा है ।

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