Home आर्थिक  बैंकों को कैसे होता है क्रेडिट कार्ड से फायदा ?

 बैंकों को कैसे होता है क्रेडिट कार्ड से फायदा ?

by National News Desk
Print Friendly, PDF & Email

क्रेडिट कार्ड एक ऐसा कार्ड है जो तुरंत सामान खरीदने में मदत करता है और पेमेंट उसका बाद में कर सकते है, महीने के आखिर में भी कर सकते है। आम तौर पे क्या होता आपके अकाउंट में पैसा है और बैंक अकॉउंट से कैश निकाला और पेमेंट कर दिया दूसरा आप डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते है जो की सीधे आपके खाते से लिंक होता है। लेकिन क्रेडिट कार्ड में क्या होता है कि बैंक आपकी जगह पेमेंट करता है जिसको भी आपको करना है और आप महीने की आखिर में जा कर बैंक को पेमेंट कर सकते है जितना भी आपने पुरे महीने में खर्च किया हो और एक महीने से ज्यादा समय भी ले सकते है लेकिन तब आपको ज्यादा ब्याज देना होगा बैंक को पेमेंट करते समय। तो क्रेडिट कार्ड को आप मिनी लोन की तरह भी समझ सकते है, आम तौर पर आप जब लोन लेते हो तो कैश में लोन मिलता हैं लेकिन यह पर आपको लोन के बदले एक प्लास्टिक कार्ड दे रहा है जिसमे आपका नाम होता यूनिक नंबर होता है वैधता कब खत्म हो रही है। पेमेंट किस तरह से प्रोसेस करी जा रही है, पेमेंट प्रसंस्करण की कुछ कंपनियां होती है VISA और MASTERCARD हो गई ये दो सबसे मशहूर कंपनियां है।

जो बैंक कार्ड देता है वो VISA और MASTERCARD से अलग होता है ये सिर्फ पेमेंट करने के लिए होती हैं। क्रेडिट कार्ड के पीछे एक CVV नंबर भी होता है इसे बहुत संभाल के रखना होता है नहीं तो आपके साथ फ्रॉड हो सकता है। हर क्रेडिट कार्ड के पीछे एक क्रेडिट लिमिट होती है जिससे आप खर्च कर सकते लेकिन लिमिट से ज्यादा नहीं कर सकते है। ये क्रेडिट लिमिट क्या होती है ये बैंक से बैंक पर निर्भर करता है और आपने कौनसा कार्ड ख़रीदा है और बैंक देखता है आपकी सैलरी कितनी है क्रेडिट स्कोर कितना है उसी के आधार पर आपकी क्रेडिट लिमिट दी जाती है। क्रेडिट स्कोर के बारे में भी समझ लीजिये क्या होता है अगर आप समय से अपना लोन नहीं वापस करोगे बैंक को तो बैंक को लगेगा आपको पैसा देना रिस्क है।

ये भी पढ़े..
https://thepublichindi.com/?p=2604
https://thepublichindi.com/?p=2596

बैंक को जो रिस्क होता है आपको क्रेडिट कार्ड और लोन देते वक्त इस रिस्क के लिए बैंक ने एक स्कोर सिस्टम बनाया है ये स्कोर 300 से लेकर 900 के बीच में दिया जाता है और इसे क्रेडिट स्कोर कहते है और अगर आपका स्कोर 700 से 900 के बीच में होता है तो ये स्कोर बहुत अच्छा होता है और बैंक आप पर भरोसा कर सकता है और आपको लोन दे सकता है और रिस्क कम होता है लेकिन अगर स्कोर 300 – 400 है तो बैंक आप पर भरोसा नहीं करेगा और आपके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को निकाल कर स्कोर निकाला जाता है और उसी के आधार पर बैंक तय करता है की आपकी बैंक लिमिट कितनी रखनी चाहिए बल्कि क्रेडिट कार्ड आपको देना भी चाहिए या नहीं देनी चाहिए।

जैसा की आपको ऊपर बताया कि क्रेडिट कार्ड का फायदा यही है की अगर आपको तुरंत कोई सामान लेना है तो ले सकते है और पेमेंट महीने के आखिर में जा कर दे सकते है वही दूसरी तरफ क्रेडिट कार्ड  में कम रिस्क होता बनसपत डेबिट कार्ड के इस्तेमाल में अगर कोई फ्रॉड होता है आपके साथ तो डेबिट कार्ड के केस में पैसा सीधा आपके बैंक अकॉउंट से निकल वह चला जाएगा लेकिन क्रेडिट कार्ड के केस में आपका पैसा बैंक के जरिए जाएगा और अगर फ्रॉड हुआ है तो वो देख सकते और पैसा वापस करवा सकते है। भारत में क्या है अगर आपके क्रेडिट कार्ड को लेकर कोई फ्रॉड हुआ है और आप तीन दिन अंदर बता देते है तो ग्राहक की जिम्मेदारी खत्म बैंक जिम्मेदार होता है।

वीडियो देखे. .
https://www.youtube.com/watch?v=vH_pjwn0UkQ&t=446s

एक और फायदा समझिये क्रेडिट कार्ड होने का वो ये की जो आप इस्तेमाल करते है और उसके रिवार्ड्स जो मिलते है उसको आप कैश भी कर सकते है। ये सारे बैंक कैसे पैसा कमाते है क्रेडिट कार्ड से सबसे आसान तरीका है पैसा कमाने का बैंक्स का ANNUAL FEES चार्ज करके कुछ क्रेडिट कार्ड को इस्तेमाल करने के लिए आपको ANNUAL FEES देनी पड़ती है इसके अलावा भी बहुत से चार्ज देने होते है बैंक जैसे अगर आप समय से पैसा वापस नहीं करते है तो लेट फीस देनी होती है और अगर कैश निकलना चाहते है क्रेडिट कार्ड से तो 2 % – 5 % ब्याज देना होता है। लेकिन आप हैरान हो जाएंगे जानकर की एक बड़ा हिस्सा होता है बैंकों की कमाई का दरसल होता है लोगों की गलती बहुत से लोग समय से क्रेडिट कार्ड पेमेंट नहीं भरते है महीने की आखिर में तो बैंक उस पर ज्यादा ब्याज लगता है जिससे उसे काफी फायदा होता है। क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाला हर वो इंसान अगर समय से पेमेंट कर दे तो बैंक का फायदा होना बंद हो जायेगा।

You may also like

Leave a Comment