Home राजनीति क्या डूबती नाव बन गयी है कांग्रेस?

क्या डूबती नाव बन गयी है कांग्रेस?

Print Friendly, PDF & Email

हार्दिक पटेल का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं जानकार

कांग्रेस पार्टी भले ही चिंतन शिविर के सहारे अपनी खोई जमीन तलाश रही हो पर परिस्थितियां फ़िलहाल उसके अनुकूल बनती सी नहीं दिख रहीं हैं. एक-एक कर कांग्रेसी नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी क्रम में बुधवार को गुजरात प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष और युवा नेता हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे पार्टी को ‘गुडबाय’ कह दिया.

“यह 21वीं सदी है और भारत विश्व का सबसे युवा देश है. देश के युवा एक सक्षम और मजबूत नेतृत्व चाहते हैं. पिछले लगभग तीन वर्षों में मैंने यह पाया है कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित रह गई है, जबकि देश के लोगों को विरोध नहीं, एक ऐसा विकल्प चाहिए जो उनके भविष्य के बारे में सोचता हो, देश को आगे ले जाने की क्षमता रखता हो.”

ये लाइनें हार्दिक पटेल के इस्तीफे की शुरूआती लाइनें हैं जो उन्होंने सोनिया गांधी को लिखा है. हार्दिक ने अपने इस्तीफे में पार्टी और पार्टी के शीर्ष नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाये हैं. हार्दिक ने लिखा है कि पार्टी केवल विरोध की राजनीति तक सिमित रह गई है. उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री राम मंदिर, CAA-NRC, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने और GST लागू करने जैसे मुद्दों का देश लम्बे समय से समाधान चाह रहा था पर कांग्रेस पार्टी सिर्फ इसमें बढ़ा बनने का काम करती रही.

इतना ही नहीं हार्दिक ने पार्टी नेताओं पर गुजरात के लोगों और पाटीदार समाज की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नेताओं ने यहां के मुद्दों को ख़त्म करने का काम किया है. शीर्ष नेताओं में गंभीरता कि कमी है. इन नेताओं का ध्यान मुद्दों से ज्यादा अपने मोबाइल और अन्य दूसरी चिजों पर रहता है. जब भी देश संकट में होता है हमारे नेता विदेश चले जाते हैं. उन्होंने कहा कि मैं बड़ी हिम्मत करके पार्टी कि प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देता हूं. मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी.

ये  भी पढ़े ..

गेहूं निर्यात पर बैन : किसान फिर ठगे गये
केजरीवाल का दांव, भाजपा को चैलेन्ज

गुजरात में इसी साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में जानकार हार्दिक पटेल के इस्तीफे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं. दरअसल गुजरात की राजनीति में पटेल हमेशा से खास रहे हैं. जातिगत समीकरणों  की बात की जाये तो 6 करोड़ की आबादी वाले गुजरात में 52% आबादी पिछड़ी जाति की है. इस समुदाय में 146 जातियां आतीं हैं. पाटीदार (पटेल) समुदाय की आबादी 16% है. इसके अलावा राज्य में 16% क्षत्रिय, 7% दलित, 11% आदिवासी, 9% मुस्लिम और 5% में ब्राह्मण, कायस्थ और बनिया समाज के लोग आते हैं.

इस खबर को आप सुन भी सकते हैं..
हार्दिक पटेल का इस्तीफा : क्या डूबती नाव बनती जा रही है कांग्रेस?

गुजरात की राजनीति हमेशा से पाटीदार समाज के इर्द-गिर्द घुमती रही है. हार्दिक पटेल इसी पाटीदार समाज को OBC में शामिल कराने के लिए किये गये आन्दोलन से निकले हैं. इस कारण हार्दिक के इस्तीफे को कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. राम मंदिर और अन्य मुद्दों पर भाजपा या किसी नेता का नाम लिए बिना भाजपा का समर्थन करने पर अब हार्दिक के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाये जा रहे हैं.

You may also like

Leave a Comment